रेत की मछली : स्त्री-विमर्श के परिप्रेक्ष्य में एक अध्ययन

Authors

  • बलजीत सिंह एम. ए. गुरु काशी विश्वविद्यालय, तलवंडी साबो, बठिंडा, पंजाब Author
  • डॉ. राकेश कुमार सिंह उपाचार्य, हिन्दी विभाग, गुरु काशी विश्वविद्यालय, तलवंडी साबो, बठिंडा, पंजाब Author

DOI:

https://doi.org/10.64758/f06c1218

Keywords:

रेत की मछली, कांता भारती, स्त्री-विमर्श, नारी चेतना, सामाजिक यथार्थ, नारी अस्मिता

Abstract

रेत की मछली समकालीन हिंदी साहित्य का एक महत्वपूर्ण स्त्री-विमर्शपरक उपन्यास है। इसकी लेखिका कांता भारती ने नारी जीवन की पीड़ा, संघर्ष, सामाजिक असमानता तथा आत्मसम्मान की खोज को प्रभावशाली ढंग से चित्रित किया है। प्रस्तुत शोध-पत्र में उपन्यास का अध्ययन स्त्री-चेतना, सामाजिक यथार्थ, नारी-अस्मिता तथा लेखिका की दृष्टि के आधार पर किया गया है।

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Published

2026-07-01