रेत की मछली : स्त्री-विमर्श के परिप्रेक्ष्य में एक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64758/f06c1218Keywords:
रेत की मछली, कांता भारती, स्त्री-विमर्श, नारी चेतना, सामाजिक यथार्थ, नारी अस्मिताAbstract
रेत की मछली समकालीन हिंदी साहित्य का एक महत्वपूर्ण स्त्री-विमर्शपरक उपन्यास है। इसकी लेखिका कांता भारती ने नारी जीवन की पीड़ा, संघर्ष, सामाजिक असमानता तथा आत्मसम्मान की खोज को प्रभावशाली ढंग से चित्रित किया है। प्रस्तुत शोध-पत्र में उपन्यास का अध्ययन स्त्री-चेतना, सामाजिक यथार्थ, नारी-अस्मिता तथा लेखिका की दृष्टि के आधार पर किया गया है।
