साइबर अपराध के संदर्भ में भारतीय दंड विधान और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम का तुलनात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64758/c5w4bh31Abstract
प्रस्तुत शोधपत्र में साइबर अपराध के संदर्भ में भारतीय दंड विधान (आईपीसी/बीएनएस) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में साइबर अपराध की अवधारणा, उसके प्रकार, तकनीकी जटिलताओं, डिजिटल साक्ष्य, एन्क्रिप्शन, सीमा-पार अपराध तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चुनौतियों का विस्तृत परीक्षण किया गया है। साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि जहाँ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तक नीकी-विशिष्ट अपराधों के लिए विशेष विधिक ढाँचा प्रदान करता है, वहीं भारतीय दंड विधान पारंपरिक आपराधिक सिद्धांतों के माध्यम से डिजिटल अपराधों को दंडित करने में सहायक भूमिका निभाता है। न्यायालयीन दृष्टिकोण, विशेषकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल साक्ष्य की स्वीकार्यता के संदर्भ में, इस क्षेत्र में संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है। अंततः शोध यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि साइबर अपराधों के प्रभावी नियंत्रण हेतु दोनों कानूनों के मध्य समन्वित और अद्यतन विधिक ढाँचे की आवश्यकता है।
